हमारे मुख्य सदस्य

युवराज सिंह

हम उन्हें क्या कहते हैं? एक क्रिकेटर? एक जीतने वाली मशीन? वापस लौटी एक कहानी? एक उद्यमी? अपने आप में एक ब्राण्ड?

एक आदमी जिसे इतने सारे नाम दिए गए हैं, निश्चित रूप से उसकी एक अनूठी कहानी होगी। युवराज सिंह, ऐसे समय में जब उनका करियर सबसे उछाल पर था, तभी उनके बाएं फेफडे में ट्यूमर का पता चला, जिसके बाद उन्होंने एक इतिहास रचा, जिसे आज हम प्रेरणादायी किताबों में पढ़ते हैं- उन्होंने इस बीमारी का मुकाबला किया और इसमें जीत हासिल की।

हालांकि यू वी कैन की स्थापना का विचार एक प्रेरणा से आया था। इस पहल के माध्यम से युवराज कैंसर के उन मरीज़ों को जागरुक बनाना चाहते हैं, उन्हें बीमारी से जीत के लिए प्रोत्साहित करना चाहते हैं, जो कम भाग्यशाली हैं।

शबनम सिंह

प्यार और बहादुरी, आपस में बांटने से बढ़ती है। युवराज सिंह की माँ शबनम सिंह ऐसी ही सकारात्मक शक्ति का प्रतीक हैं, अपनी माँ के आशीर्वाद से ही यूवी मैदान पर वापस लौटने में कामयाब रहे।

संस्थापक सदस्य शबनम सिंह न केवल यूवी के लिए बल्कि यू वी कैन के लिए भी ताकत बनीं। युवराज के संघर्ष के पहले दिन से शबनम अपने बेटे के साथ खड़ी थीं और वे संगठन की सक्रिय सदस्य भी हैं। आखिर माँं के प्यार ने ही यह चमत्कार कर दिखाया।

शाज़मीन कारा

हर टीम में एक आॅल-राउण्डर होता है और शाज़मीन पर यू वी कैन को गर्व है। फाउन्डेशन की सीईओ शाज़मीन यू वी कैन के लिए कई कोरपोेरट प्रोग्रामों, सीएसआर गतिविधियों, डिजिटल पीआर एवं ब्राण्ड कम्युनिकेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दे चुकी हैं।
उनके पास उद्योग जगत के विभिन्न क्षेत्रों जैसे आतिथ्य, एफएमसीजी, फैशन, शिक्षा, मीडिया एवं मनोरंजन में 13 साल से अधिक का अनुभव है, यही अनुभव यू वी कैन के इतने सारे कामों को संभालने में उनकी मदद कर रहा है।
तो अगर आपको वे एक ही समय में दो जगहों पर भी दिखाई दे तो भी हैरानी की कोई बात नहीं।

कैंसर के खिलाफ एक मौका लें

हमारी टीम

सिद्धअ अमीन

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प्रशांत देसाई

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सूरज महाजन

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